विहान....हिंदी कविता पत्रिका
शब्दों से सड़कों तक अँधेरे के ख़िलाफ़ एक आन्दोलन......
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विहान एक लघु पत्रिका है, यह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद से जनसहयोग से प्रकाशित होती है, पत्रिका पूर्णतः गैर व्यावसायिक है,विहान का अर्थ हिंदी, नेपाली, संस्कृत, बांग्ला भाषा के साथ साथ कुमाउनी और गढ़वाली बोली में "प्रातःकाल का समय होता है, जब सूर्य की लालिमा अँधेरे पर पहला प्रहार करती है
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Saturday, 14 April 2012
विहान का दूसरा अंक (मई-जून २००९)
1 comment:
प्रतिभा
18 April 2012 at 11:01
क्षणिकाएँ बेहतरीन हैं |
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क्षणिकाएँ बेहतरीन हैं |
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